shani · aarti

शनि देव आरती

Shani Dev Aarti (आरती: श्री शनिदेव जी)- जय जय श्री शनिदेव ,भक्तन हितकारी। सूर्य के पुत्र प्रभु छाया महतारी ॥

शनि देव
चित्र: विकिमीडिया कॉमन्स (शनि देव)

शनि देव आरती को अपनी दैनिक पूजा का हिस्सा बनाकर श्रद्धा से पाठें।

दीप जलाकर श्रद्धा से देवता के समक्ष यह आरती गाएँ।

आरती के बोल

जय जय श्री शनिदेव ,भक्तन हितकारी।

सूर्य के पुत्र प्रभु छाया महतारी ॥जय..॥

श्याम अंग वक्र-दृ‍ष्टि चतुर्भुजा धारी।

नीलाम्बर धार नाथ गज की असवारी ॥जय..॥

क्रीट मुकुट शीश राजित दिपत है लिलारी।

मुक्तन की माला गले शोभित बलिहारी ॥जय..॥

मोदक मिष्ठान पान चढ़त हैं सुपारी।

लोहा तिल तेल उड़द महिषी अति प्यारी ॥जय..॥

देव दनुज ऋषि मुनि सुमिरत नर नारी।

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