jhulelal · aarti

झूलेलाल आरती

shri Jhulelal Aarti (झुलेलाल आरती)- ॐ जय दूलह देवा, साईं जय दूलह देवा । पूजा कनि था प्रेमी, सिदुक रखी सेवा ॥

झूलेलाल, सिंधी संत
चित्र: विकिमीडिया कॉमन्स (झूलेलाल)

झूलेलाल आरती को अपनी दैनिक पूजा का हिस्सा बनाकर श्रद्धा से पाठें।

दीप जलाकर श्रद्धा से देवता के समक्ष यह आरती गाएँ।

आरती के बोल

ॐ जय दूलह देवा, साईं जय दूलह देवा ।

पूजा कनि था प्रेमी, सिदुक रखी सेवा ॥ॐ..॥

तुहिंजे दर दे केई सजण अचनि सवाली ।

दान वठन सभु दिलि सां कोन दिठुभ खाली ॥ॐ..॥

अंधड़नि खे दिनव अखडियूँ - दुखियनि खे दारुं ।

पाए मन जूं मुरादूं सेवक कनि थारू ॥ॐ..॥

फल फूलमेवा सब्जिऊ पोखनि मंझि पचिन ।

तुहिजे महिर मयासा अन्न बि आपर अपार थियनी ॥ॐ..॥

ज्योति जगे थी जगु में लाल तुहिंजी लाली ।

अमरलाल अचु मूं वटी हे विश्व संदा वाली ॥ॐ..॥

जगु जा जीव सभेई पाणिअ बिन प्यासा ।

जेठानंद आनंद कर, पूरन करियो आशा ॥ॐ..॥

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