jhulelal · aarti
झूलेलाल आरती
shri Jhulelal Aarti (झुलेलाल आरती)- ॐ जय दूलह देवा, साईं जय दूलह देवा । पूजा कनि था प्रेमी, सिदुक रखी सेवा ॥

झूलेलाल आरती को अपनी दैनिक पूजा का हिस्सा बनाकर श्रद्धा से पाठें।
दीप जलाकर श्रद्धा से देवता के समक्ष यह आरती गाएँ।
आरती के बोल
ॐ जय दूलह देवा, साईं जय दूलह देवा ।
पूजा कनि था प्रेमी, सिदुक रखी सेवा ॥ॐ..॥
तुहिंजे दर दे केई सजण अचनि सवाली ।
दान वठन सभु दिलि सां कोन दिठुभ खाली ॥ॐ..॥
अंधड़नि खे दिनव अखडियूँ - दुखियनि खे दारुं ।
पाए मन जूं मुरादूं सेवक कनि थारू ॥ॐ..॥
फल फूलमेवा सब्जिऊ पोखनि मंझि पचिन ।
तुहिजे महिर मयासा अन्न बि आपर अपार थियनी ॥ॐ..॥
ज्योति जगे थी जगु में लाल तुहिंजी लाली ।
अमरलाल अचु मूं वटी हे विश्व संदा वाली ॥ॐ..॥
जगु जा जीव सभेई पाणिअ बिन प्यासा ।
जेठानंद आनंद कर, पूरन करियो आशा ॥ॐ..॥
संबंधित लेख

बृहस्पति देव आरती
Brihaspati-Dev-Aarti (बृहस्पति देव की आरती)- Brihaspati Dev Aarti in Hindi 'Om Jai Brihaspati Deva': ॐ जय बृहस्पति देवा, जय बृहस्पति देवा
और पढ़ें
धन्वंतरी आरती
श्री भगवान धन्वंतरि आरती (Shri Dhanwantari Aarti)- जय धन्वंतरि देवा, जय धन्वंतरि जी देवा। जरा-रोग से पीड़ित, जन-जन सुख देवा।।जय..।।
और पढ़ें
गायत्री आरती
Gayatri Mata Aarti | गायत्री माता आरती - आरती श्री गायत्री जी की ज्ञान दीप और श्रद्धा की बाती । सो भक्ति ही पूर्ती करै जहं घी की ॥
और पढ़ें
कुबेर आरती
श्री कुबेर जी आरती (Shri Kuber Ji Aarti)- ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे , स्वामी जै यक्ष जै यक्ष कुबेर हरे। शरण पड़े भगतों के, भण्डार कुबेर भरे॥ ऊँ..॥
और पढ़ें
नवग्रह आरती
shree Navgrah Aarti (नवग्रह आरती)- आरती श्री नवग्रहों की कीजै । बाध, कष्ट, रोग, हर लीजै ।।
और पढ़ें
पार्वती आरती
Parvati Aarti (पार्वती आरती)- जय पार्वती माता ,जय पार्वती माता । ब्रह्म सनातन देवी शुभ फल की दाता ॥ॐ..॥
और पढ़ें
साईं आरती
Sai baba aarti (श्री साईं बाबा की आरती) : आरती श्री साई गुरुवर की, परमानन्द सदा सुरवर की ।जाके कृपा विपुल सुखकारी ,दुःख-शोक, संकट भयहारी ॥
और पढ़ें