navagraha · aarti

नवग्रह आरती

shree Navgrah Aarti (नवग्रह आरती)- आरती श्री नवग्रहों की कीजै । बाध, कष्ट, रोग, हर लीजै ।।

नवग्रह मंदिर
चित्र: विकिमीडिया कॉमन्स (नवग्रह मंदिर)

नवग्रह आरती को अपनी दैनिक पूजा का हिस्सा बनाकर श्रद्धा से पाठें।

दीप जलाकर श्रद्धा से देवता के समक्ष यह आरती गाएँ।

आरती के बोल

आरती श्री नवग्रहों की कीजै ।

बाध, कष्ट, रोग, हर लीजै ।।

सूर्य तेज़ व्यापे जीवन भर ।

जाकी कृपा कबहुत नहिं छीजै ।।

रुप चंद्र शीतलता लायें ।

शांति स्नेह सरस रसु भीजै ।।

मंगल हरे अमंगल सारा ।

सौम्य सुधा रस अमृत पीजै ।।

बुद्ध सदा वैभव यश लीये ।

सुख सम्पति लक्ष्मी पसीजै ।।

विद्या बुद्धि ज्ञान गुरु से ले लो ।

प्रगति सदा मानव पै रीझे।।

शुक्र तर्क विज्ञान बढावै ।

देश धर्म सेवा यश लीजे ।।

न्यायधीश शनि अति ज्यारे ।

जप तप श्रद्धा शनि को दीजै ।।

राहु मन का भरम हरावे ।

साथ न कबहु कुकर्म न दीजै ।।

स्वास्थ्य उत्तम केतु राखै ।

पराधीनता मनहित खीजै ।।

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