ganesh · mantra

गणेश मंत्र

Vakratunda Mahakaya Lyrics: वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ।निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥

ganesh की मूर्ति
चित्र: विकिमीडिया कॉमन्स

गणेश मंत्र को अपनी दैनिक पूजा का हिस्सा बनाकर श्रद्धा से पाठें।

शांत मन से इन मंत्रों का जप करें। श्रद्धा और सही उच्चारण के साथ जप अधिक फलदायी होता है।

मंत्र

ऊँ गं गणपतये नमः ।।

2:-वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ।निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥

3:-ॐ एकदंताय विद्महे, वक्रतुण्डाय धीमहि, तन्नो दंती प्रचोदयात्।।

4:-ॐ महाकर्णाय विद्महे, वक्रतुण्डाय धीमहि, तन्नो दंती प्रचोदयात्।।

5:-ॐ गजाननाय विद्महे, वक्रतुण्डाय धीमहि, तन्नो दंती प्रचोदयात्।।

ॐ नमो हेरम्ब मद मोहित मम् संकटान निवारय-निवारय स्वाहा ॥

प्रणम्यं शिरसा देव गौरीपुत्रं विनायकम। भक्तावासं: स्मरैनित्यंमायु:कामार्थसिद्धये।।

संबंधित लेख

मंदिर में गणेश की मूर्ति
ganeshaarti

गणेश आरती — जय गणेश देवा

प्रतिदिन की पूजा और त्योहारों में गाई जाने वाली प्रिय गणेश आरती, विघ्नहर्ता की स्तुति।

और पढ़ें
ganesh की मूर्ति
ganeshchalisa

गणेश चालीसा

गणेश चालीसा: जय गणपति सद्गुण सदन कविवर बदन कृपाल। विघ्न हरण मंगल करण जय जय गिरिजालाल॥

और पढ़ें
धन्वंतरी, आयुर्वेद के देवता
dhanvantarimantra

धन्वंतरी मंत्र

Dhanvantari Mantra: ॐ नमो भगवते महासुदर्शनाय वासुदेवाय धन्वंतरये, ॐ धन्वंतरये नमः॥, धन्वंतरी स्तोत्रम्

और पढ़ें
durga की मूर्ति
durgamantra

दुर्गा मंत्र

या देवी सर्वभूतेषु मातृ-रूपेण संस्थिता। , सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सवार्थ साधिके, ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डाय विच्चे, ॐ शं शैलपुत्री देव्यै: नम:।

और पढ़ें
गंगा, नदी देवी
gangamantra

गंगा मंत्र

ॐ भागीरथी च विद्महे, विष्णु पदी च धीमहि! तन्नो गँगे प्रचोदयात् || Om bhageerthyae ch vidhmhe vishnupatnyae ch dhimhi !

और पढ़ें
देवी गायत्री
gayatrimantra

गायत्री मंत्र

Gayatri Mantra: ऊं भूर्भुव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि। धियो यो न: प्रचोदयात् || oṃ bhūr bhuvaḥ svaḥ tat saviturvareṇyaṃ

और पढ़ें
गुरु बृहस्पति, देवगुरु
gurumantra

गुरु मंत्र

Guru Vandna | GURU BRAHMA GURU VISHNU GURU DEVO MAHESHWARA | गुरुर्ब्रह्मा ग्रुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः । गुरुः साक्षात् परं ब्रह्म तस्मै श्री गुरवे नमः ॥

और पढ़ें